Posts

Showing posts from 2017

यह भी एक जिंदगी है

Image
रिपोर्ट शहज़ाद अहमद दिल्ली के लाल बत्ती छेत्र जी बी रोड के एक कोठे पर एक दिव्यांग वयक्ति आया जो सही तरह चल नही सकता था क्योंकि वह आपने पैरों से अपाहिज था उसका दोस्त अपनी पीठ पर लाद कर यौनकर्मी के पास अपने मनोरंजन वास्ते आया। मात्र रुपये 150 में यौनकर्मी के साथ अपनी शरीर की भूख मिटाने के लिए सौदा हुआ फिर वह कोठे के ऊपर एक छोटे से कमरे में यौनकर्मी के पास लादकर अपने दोस्त को छोड़कर आया । उसके थोड़ी देर (दस-पन्द्रह ) मिंट बाद जब वह ( दिव्यांग) कमरे से बाहर नकला तो चेहरे पर अजब सी चमक छलक रही थी मैने उस यौनकर्मी से पूछ बैठा कि उसके पास किस किस प्रकार के वयक्ति आते है तो जवाब में वह बोली कि उसके पास तरह तरह के लोग (जैसे कि गूंगे ,बेहरे,कुबड़े,आंधे ,आदि अपने मनोरंजन के लिए हमारे पास आते है। हम उनकी काम पिपासा दूर करके संतुष्ट करती है । बदले में वह चंद रुपए देकर हमको अपना मनोरंजन बनाकर पैसे देकर चले जाते है ।  कई आते हैं फिर लौट जाते हैं और कभी कभार दुबारा लौट कर आते है । यह दृश्य मैने अपनी आंखों से देखा । इससे पता चला कि दुनिया मे ऐसे लोग भी है जिनकी पीड़ा सहकर उनको खुश किया जाता...

कोठे की सीढ़ी पर सेक्स वर्कर

Image
मैं आज जी बी रोड के रस्ते से गुज़रा और वहाँ पर मेने देखा की कोठे की सीढ़ी पर और ब्रांडो पर सेक्स वर्कर्स खड़ी और बैठी दिखी। मैं एक सेक्स वर्कर से मिला जिसका नाम रेशमा था मैंने पूछा की आप सड़क पर और बरामदों में क्यों खड़ी  हो तो रेशमा ने बताया की मेरी उम्र ५० वर्ष है में ऊपर कोठे में बैठ  जाओ तो मेरा पेट किसी पालूंगी मेरी उम्र घट गयी है कस्टममर कहता है तुम मेरी माँ जैसी हो।  तो इस मज़बूरी में मुझे सड़क पर खड़ी रहती हूँ और ग्राहको को पटाती हूँ कहती हूँ चल मेरे साथ में लड़की दूंगी तो ग्राहकं चल पड़ता है और में ऊपर कोठे पर ला कर लड़की के पास भेज देती हूँ और अपना कमिशन ले लेती हूँ ऐसे हम अपना पेट पालते है  क्यों की हमरी उम्र हो गयी है। रेशम सीढ़ी  पर ही खाना खा रही थी एक पिलेट में दाल  चावल और आम का अचार था और एक बोलत थी पानी की उस पिलेट पर मख्खी भिन भीरा रही थी देखा की एक पिलेट में तीन लोग खा रहे थे जो की वह एक ही आदमी का खाना था. उन्होंने मुझसे कहा आइए आप भी खा ले तो मेने कहा में खा खाना खा चूका हूँ आप खाये तो सेक्स वर्करो ने कहा की आप कहाँ यह खाना खायेगे आप तो टे...

जी बी रोड़ पर एक दिव्यांग की कहानी

Image
एक वयक्ति जिसका नाम बाबू है आये बाबू की कहानी सुने बाबू ने बताया कि मेरी माँ ने मुझे जन्म दे कर छोड़कर चली गयी आपने गांव ।फिर मुझे कोठा नो 52 में लक्षमी अम्मा ने मुझे पाला पोसा 8 वर्ष तक उसके बाद मुझे कोठा न 59 में लक्षमी अम्मा ने मुझे नूर जहां अम्मा के  पास छोड़ दिया और फिर में वही रहने लगा और नूर जहा अम्मा ने मुझे कहना कपड़ा जरूरत की चेज़े दिलाती थी मेने पूछा बाबू कभी तुम्हे आपने माँ की याद आती है तो बाबू ने बताया कि मुझे अब माँ के प्यार से भी ज्यादा यहां पर प्यार मिला कभी याद आयी नही मेने बाबू से पूछा कि आपकी उम्र किया है तो उन्हें बताया 48 वर्ष है अब बब्बू ने बताया कि में अभी भी 59 में रहता हूँ और मै आपको बता दो की बाबु दिव्यांग है एक पैर से मोहताज़ है इसीलिए उसकी माँ ने उसे यह छोड़कर चहली गयी थी बाबू से मैंने पूछा मेने की आपको खाना कपड़ा जरूरत की  चीज़ें कौंन देता है तो बाबू ने बताया कि यहाँ की सभी बहने मुझे कपड़ा पैसा खाना जरूरत की सभी चीज़े देती है

एक पत्रकार ने आपने कलम से सेक्स वर्करो के लिए कुछ शब्द लिखे

Image
दिनांक 16/10/2010 को दिल्ली के रेड लाइट जी बी रोड पर इंडिया न्यूज के पत्रकार फ़रोग़ अख्तर खां कोवरेग के लिए आए और यहां पर उन्होंने 4 5 घंटे बिताये और सेक्स वर्करों की आप बीती सुनी और उनकी जिंदगी की के बारे में जाना ।फ़रोग़ अख्तर खां इंडिया न्यूज के पोलिटिकल कॉरेसपॉंडेंट है उन्होंने सेक्स वर्करो के बारे में किया महसूस किया आइये देखे ।

एक रसोई घर कोठे का (जी बी रोड )

Image
मै दिल्ली के जी बी रोड पर एक कोठे पर गया और वहाँ एक सेक्स वर्कर से मिला जिसका नाम सीमा है और उसकी उम्र 65 वर्ष है इस जगह पर वह 40 वर्स से है सीमा 45 वर्ष तक सेक्स वरकारी में थी और उम्र हो गयी तो कहा जाती घर वाले भी अपना नही रहे थे तो यही आ गयी और इनके साथ रहने लगी खाना और सोदा लाती हूँ किचन में खाना बना रही थी मेने पूछा किया बना रही है आप तो उन्होंने कहा में आज कोफ्ते की सब्जी बना रही हूँ साथ मे चावल रोटी भी । मेने पूछा आपको किसने सिखाया खाना बनाना तो सीमा ने बताया कि मेरी माँ ने मुझे सिखाया जब मेरी उम्र 16 वर्ष थी जब सिख गयी थी सीमा 8 सेक्स वर्करो का खाना रोज़ बनाती है सीमा की सहलियु से मिला उन्होंने कहा कि सीमा दीदी को हैम पेशे देते है इक्क्ठा कर के और सीमा दीदी सब का खाना एक साथ बनाती है और हम सब साथ मे बैठ कर खाना खाते है

Sex workers living this hall

एक हाल है जिसमे 5 8 औरते रहती है और उस हाल में सभी धर्मों की तस्वीरे लकगी हुई है और वह सब मिल कर रहती है जैसे आम इंसान जिंदगी जीता है वैसे ही यहां की वेश्याएं जीती है हाल में दो बेंच है बैठने के लिए और उस बेंच के नीचे उनके मेकअप का सामान रखा है साथ मे खाने की थाली है गिलास  कटोरी ओर पानी की बोतल है इस हाल में सब वेश्याएं रहती है और साथ मे बैठकर खाना खाती है सभी धर्मों का आदर करती है चाहे हिन्दू मुसलमान सिख इशाई कोई भेद भाव नही सब मिलकर सेहली या बहन की तरह रहती है