Posts

Showing posts from 2018

सेक्स वर्कर के रूम की दास्तान

Image
शहज़ाद अहमद (नई दिल्ली)  मैं जी बी  रोड के एक कोठे पर गया और वहां पर सेक्स वर्कर से मिला और फिर उनकी दास्तान के बारे में मैंने पूछा उन्होंने कहा मैं यह पीड़ा सहकर रहती हूँ और  मैं मार भी खाती हूं बातें भी सहती हूँ क्या करूं मेरी मजबूरी मुझे यह  जिंदगी जीने को मजबूर किया गया  इस समाज ने मुझे यह काम करने को मजबूर किया अपने पेट अपने बच्चों का पेट , घरवालों का पेट पालना पड़ता है इसके अलावा मेरे पास और कोई चारा ही नहीं ना तो मुझे यह समाज अपना ता है । क्या करूं मुझे यही अपनी जिंदगी काटने के लिए मजबूर हूँ  कम से कम रोटी  तो मिलती है  मैं उस दौरान एक रूम तक पहुंचा जहां पर शाम होते ही चार चांद लग जाते हैं  वह रूम जिसका  एरिया 7×6  का है जिसमें एक बेड  वही साइड में एक छोटा सा टेबुल  हे  जिसमे उनकी जरुरत की चीज  है उनसे पूछा यह वही जगह है?  उन्होंने कहा हां जी क्या करुं यह मुझे करना पड़ता हे यह मेरी मजबूरी है मैंने जब रूम को देखा उसके बाद जब मैं उस द्वार से बाहर निकला तो उस दीवार पर एक पेंटिंग बने हुई थी जिसमे...

एक माँ यहाँ पर भी

Image
में दिल्ली के रेड लाइट एरिया जी बी  रोड पर पहुँचा  यह जानने के लिए यहाँ पर भी सेक्स वर्करो को माँ का प्यार मिलता है या नही में कोठा न 59 मे गया और वहां पर एक सेक्स वर्कर से मिला जिसका बदला हुआ नाम मीना था । मैने उनसे पूछा आपके बच्चे है तो उन्होंने बताया कि मेरे दो बेटे है जो कि वो अभी पढ़  रहे है  तो मैने कहा आपके बच्चे आपके साथ रहते है तो उन्होंने कहा मेरे बच्चे मासी के घर पर रहते है  । मैने पूछा आपके बच्चे कोनसी क्लास में है तो उन्होंने बताया कि एक बेटा 10 में है और दूसरा 6 th में । उन्होंने कहा आज मेरे बच्चो ने मुझे बहुत प्यार दिया और उन्होंने अंग्रेज़ी में Happy mothers day बोला . मुझसे उन्होंने पूछा इसका मतलब किया होता है तो मैने कहा माँ का दिन होता है । सेक्स वर्कर ने कहा की मेरी मजबूरी ने मुझे इस दलदल में ला दिया लेकिन आपने बच्चो को पढ़ा लिखा कर  अच्छा बनाना चाहती हूँ मेरा बड़ा बेटा डॉ बनना चाहता है और छोटा बेटा आर्मी में जाना चाहता है देश की सेवा करना चाहता है । में पूरी मेहनत करके आपने बच्चो को जो उनकी इच्छा है वो जरूर बनाओ गी । एक माँ अपने ...

जी बी रोड के कोठे से वेश्या की दर्द भरी दास्तान

Image
वेश्यावृत्ति के प्रति समाज  का  हमेशा से दोहरा रवैया रहा है। समाज मे दिखावे के लिए ऊपरी तौर पर सभी वेश्यावृत्ति के खिलाफ नजर आते है । लेकिन बन्द कमरो के पीछे वेश्यावृत्ति को फैलाने में वही सहायक होते है । जिन्हें हम हिकारत की नजर से देखते है और समझते है कि यह समाज इंसानियत के नाम पर एक कलंक है परंतु कभी आपने यह जानने की कोशिश की है? कि यह समाज यह काम क्यों करता है इनकी किया मजबूरी है इन्हें इस काम को करने के लिए किसने मजबूर किया है इस काम को धृणित क्यों समझा जाता है जो भी महिला या महिलाये वेश्या के धंधे को अपनाती है वह इस धंधे में कैसे लाई जाती है और इन्हें यह काम करने के लिए कोन मजबूर करता है । और इस काम को हम जो आपने आपको सभ्य समाज के सदस्य समझते है क्यों हिकारत से इनको देखते  है । शाम ढलते ही शमा जल उठती है । गरीबी और मजबूरी ने बनाया वेश्या जी बी रोड एक कोठे पर तकरीबन 30 से 38 सालो से देहव्यापार कर रही है जिसका बदला हुआ नाम रेशम है आज  उम्र के उस पड़ाव पर पहुँच चुकी है जहाँ वह आने शरीर को बेचकर पैसा कमाने में असमर्थ है जब रेशम जी बी रोड पर आई थी तब जवानी ...

जिंदगी सड़क पर जीने को मजबूर है एक सेक्स वर्कर क्या करूँ जिंदगी है तो जीना है ।

Image
मै जी बी रोड की सड़क से गुज़र रहा था जब एक औरत ठेले पर बैठी थी ।में उनके पास गया और कहा ऑन्टी नमस्ते ,उन्होंने जवाब दिया नमस्ते बेटा । मैने पूछा ऑन्टी आप सड़क पर क्यों बैठी है तो जवाब दिया बेटा में सेक्स वर्कर हूँ  । मेरी सीधी तांग टूटी हुई है और मुझे सड़क पर रहने के लिए मजबूर हूँ । मेने उनसे पूछा कि आप कोठे पर क्यों नही रहती हो। उन्होंने जवाब दिया कि मुझे कोई नही रखता ,अब तो बस यह सड़क ही मेरा घर है मैने पूछा आपकी  और परिवार जीविका कैसे चलती  हो । उन्होंने बात की में सड़क पर से ग्रहक को पकड़ कर पटा कर कोठे पर छोड़ देती हूं और अपना कमिसन ले लेती हूं । इससे मेरा पेट और ज़िन्दगी चल जाती है । मैने पुछा आपकी यह हालत कैसी हुई । उन्होंने बताया में कोठा न. 50 में रहती थी । में शराब पी रखी  थी तो सीढ़ी से मेरा पैर फिसला और गिर गयी और मेरी एक टांग टूट गयी । में अस्पताल में तकरीबन एक साल रही वो भी अस्पताल के वार्ड में नही बल्कि अस्पताल के फुटपात में पड़ी रही मेरे को देखने तक जिस कोठे मे कमाती थी उस कोठे की मालकिन देखने तक नही आई और मेरी कुछ सेहली जो मेरे साथ कमाती थी वो मुझे...