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Showing posts from March, 2018

जी बी रोड के कोठे से वेश्या की दर्द भरी दास्तान

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वेश्यावृत्ति के प्रति समाज  का  हमेशा से दोहरा रवैया रहा है। समाज मे दिखावे के लिए ऊपरी तौर पर सभी वेश्यावृत्ति के खिलाफ नजर आते है । लेकिन बन्द कमरो के पीछे वेश्यावृत्ति को फैलाने में वही सहायक होते है । जिन्हें हम हिकारत की नजर से देखते है और समझते है कि यह समाज इंसानियत के नाम पर एक कलंक है परंतु कभी आपने यह जानने की कोशिश की है? कि यह समाज यह काम क्यों करता है इनकी किया मजबूरी है इन्हें इस काम को करने के लिए किसने मजबूर किया है इस काम को धृणित क्यों समझा जाता है जो भी महिला या महिलाये वेश्या के धंधे को अपनाती है वह इस धंधे में कैसे लाई जाती है और इन्हें यह काम करने के लिए कोन मजबूर करता है । और इस काम को हम जो आपने आपको सभ्य समाज के सदस्य समझते है क्यों हिकारत से इनको देखते  है । शाम ढलते ही शमा जल उठती है । गरीबी और मजबूरी ने बनाया वेश्या जी बी रोड एक कोठे पर तकरीबन 30 से 38 सालो से देहव्यापार कर रही है जिसका बदला हुआ नाम रेशम है आज  उम्र के उस पड़ाव पर पहुँच चुकी है जहाँ वह आने शरीर को बेचकर पैसा कमाने में असमर्थ है जब रेशम जी बी रोड पर आई थी तब जवानी ...

जिंदगी सड़क पर जीने को मजबूर है एक सेक्स वर्कर क्या करूँ जिंदगी है तो जीना है ।

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मै जी बी रोड की सड़क से गुज़र रहा था जब एक औरत ठेले पर बैठी थी ।में उनके पास गया और कहा ऑन्टी नमस्ते ,उन्होंने जवाब दिया नमस्ते बेटा । मैने पूछा ऑन्टी आप सड़क पर क्यों बैठी है तो जवाब दिया बेटा में सेक्स वर्कर हूँ  । मेरी सीधी तांग टूटी हुई है और मुझे सड़क पर रहने के लिए मजबूर हूँ । मेने उनसे पूछा कि आप कोठे पर क्यों नही रहती हो। उन्होंने जवाब दिया कि मुझे कोई नही रखता ,अब तो बस यह सड़क ही मेरा घर है मैने पूछा आपकी  और परिवार जीविका कैसे चलती  हो । उन्होंने बात की में सड़क पर से ग्रहक को पकड़ कर पटा कर कोठे पर छोड़ देती हूं और अपना कमिसन ले लेती हूं । इससे मेरा पेट और ज़िन्दगी चल जाती है । मैने पुछा आपकी यह हालत कैसी हुई । उन्होंने बताया में कोठा न. 50 में रहती थी । में शराब पी रखी  थी तो सीढ़ी से मेरा पैर फिसला और गिर गयी और मेरी एक टांग टूट गयी । में अस्पताल में तकरीबन एक साल रही वो भी अस्पताल के वार्ड में नही बल्कि अस्पताल के फुटपात में पड़ी रही मेरे को देखने तक जिस कोठे मे कमाती थी उस कोठे की मालकिन देखने तक नही आई और मेरी कुछ सेहली जो मेरे साथ कमाती थी वो मुझे...