जी बी रोड के कोठे से वेश्या की दर्द भरी दास्तान
वेश्यावृत्ति के प्रति समाज का हमेशा से दोहरा रवैया रहा है। समाज मे दिखावे के लिए ऊपरी तौर पर सभी वेश्यावृत्ति के खिलाफ नजर आते है । लेकिन बन्द कमरो के पीछे वेश्यावृत्ति को फैलाने में वही सहायक होते है । जिन्हें हम हिकारत की नजर से देखते है और समझते है कि यह समाज इंसानियत के नाम पर एक कलंक है परंतु कभी आपने यह जानने की कोशिश की है? कि यह समाज यह काम क्यों करता है इनकी किया मजबूरी है इन्हें इस काम को करने के लिए किसने मजबूर किया है इस काम को धृणित क्यों समझा जाता है जो भी महिला या महिलाये वेश्या के धंधे को अपनाती है वह इस धंधे में कैसे लाई जाती है और इन्हें यह काम करने के लिए कोन मजबूर करता है । और इस काम को हम जो आपने आपको सभ्य समाज के सदस्य समझते है क्यों हिकारत से इनको देखते है । शाम ढलते ही शमा जल उठती है । गरीबी और मजबूरी ने बनाया वेश्या जी बी रोड एक कोठे पर तकरीबन 30 से 38 सालो से देहव्यापार कर रही है जिसका बदला हुआ नाम रेशम है आज उम्र के उस पड़ाव पर पहुँच चुकी है जहाँ वह आने शरीर को बेचकर पैसा कमाने में असमर्थ है जब रेशम जी बी रोड पर आई थी तब जवानी ...